अनैतिकता में न दें पति का साथ
“अरे हिमानी! आज इतनी उदास क्यों लग रही हो?”
“आंटी! बात ही कुछ ऐसी है. वैसे मैं आपसे इस बारे में बात करना ही चाहती थी. रोहन की एक बात ने मुझे बेहद परेशानी में डाल रखा है.”
"अरे! इस पूरी सोसाइटी में तुम आदर्श कपल के रूप में जाने जाते हो. ऐसी भी क्या बात हो गई?"
"कुछ गंभीर मसला है आंटी. हर किसी से तो कह भी नहीं सकती."
“बात करने से तो हर बात का हल निकलता है. बताओ मुझे.”
“रोहन ने महीने भर पहले मुझसे कहा कि उनको हमारी सेक्स लाइफ में कुछ नया चाहिए और वो चाहते है कि इसके लिए मैं अपनी किसी फ्रेंड से बात करूं.”
“तो लाइफ तो तुम्हारी है; इसमें फ्रेंड से क्या बात करनी है?”
“वो रोहन की बेड पार्टनर बनें.”
“व्हाट? आर यू क्रेजी!! कोई भी लड़की इस बात के लिए क्यों राजी होगी और तुम ये बर्दाश्त कैसे करोगी??”
“उन्हें इसलिए कोई करीबी कपल चाहिए ताकि उसके हस्बैंड के साथ मैं इन्वोल्व हो जाऊं. ऐसा गंदा ऑफर रखा है रोहन ने मेरे सामने. मैंने हमेशा हम दोनों को राम-सीता की तरह एक-दूसरे के लिए समर्पित माना है पर अब ये सुनकर मेरा दिमाग सुन्न हो गया है.”
सीता जैसी आदर्श पत्नी उसी हाल में रहना चाहिये जब पति राम जैसे आदर्शवादी हों नहीं तो एक मिनट में उसे आईना दिखा देना चाहिए. तुमने इतने दिन ये बात बर्दाश्त कैसे कर ली. सुनते ही एक थप्पड़ क्यों नहीं लगा दिया उसे?
अगर मैं रोकूंगी तो मेरे पीछे से करेंगे; उससे तो बेहतर है कि बताकर कर रहे हैं.
ठीक है; अगर बात यहाँ तक ही हो तो; लेकिन वो तो तुम्हें ही इंतजाम करने की कह रहा है. ये आजकल की पीढ़ी को हो क्या गया है? इस अदा से गलत काम करते हैं कि इंसान उस पर चिल्ला भी नहीं सकता. साथ ही तुम्हें भी इन्वोल्व होने की पेशकश ऐसे कर रहा है मानो वो इस बात से सहमत ही हो. कल को तुम उसके भुलावे में आकर कुछ कर बैठी तो बाद में तुम्हें ही चरित्रहीन कहकर चिढ़ाएगा.
“यही तो दुःख है कि उसने ये मान कैसे लिया कि शादी के आठ साल बाद, दो बच्चे होने के बाद; मैं किसी और की कल्पना भी कर सकती हूँ.”
“मेरी सहेली की बेटी को उसके मंगेतर ने अकेले मिलकर पहले सम्बन्ध बनाने को मजबूर किया और जब वो मान गई तो ये कहकर रिश्ता तोड़ दिया कि ऐसी लड़की का क्या भरोसा कि पहले उसने किसी के साथ ऐसा नहीं किया होगा. ये मर्द अपनी बात मनवाने के लिए हर नीति का सहारा लेते हैं और बाद में सारा दोष हम ओरतों के सिर मढ़ देते हैं."
“आंटी! मैंने तो रोहन से यहाँ तक कह दिया कि वो कहीं भी किसी के पास जा सकता है. मैं ओब्जेक्शन नहीं करूंगी पर मुझे इन्वोल्व नहीं होना. पर उसे कॉल गर्ल्स नहीं मेरी कोई फ्रेंड में इंटरेस्ट है.”
“इन बॉलीवुड की बकवास फिल्मों में दिमाग खराब किया है सबका. पत्नियों की अदला-बदली जैसे कॉन्सेप्ट्स चलाये हैं.”
“मेरे समझाने पर दार्शनिक बातें करने लगता हैं. ओशो की कंसेप्ट्स की दुहाई देता है. प्राचीन समय में जब ऋषि सालों तक तपस्या में लीन रहते थे तो उनकी पत्नियाँ सहर्ष अन्य से सम्बन्ध बनाती थी...इन बातों से मुझे गिल्ट आती है कि मैं अपने पति को संतुष्ट नहीं कर पा रही.”
“इस गिल्ट को मन से निकाल दो हिमानी! इसमें तुम कहीं भी जिम्मेवार नहीं हो. अपनी वासना पूर्ति वो शरीफ अंदाज में तुम्हें मोहरा बनाकर करना चाहता है. आठ साल के वैवाहिक जीवन में उसने तुम्हें सुखी रखा – इस बात के लिए तुम्हें अनैतिक नहीं होना चाहिए इसलिए फ्री रहो और गलती से भी अपनी किसी फ्रेंड को ऐसा बचकाना ऑफर न दे बैठना. बाकी तुम परिवार के किसी विश्वसनीय बुजुर्ग से बात करके रोहन का ये फितूर उतरवा सकती हो.”
“थैंक्स आंटी! आपसे बात करके आज कई दिनों बाद मैं रिलैक्स फील कर रही हूँ. अब मैं समझ गई कि मुझे रोहन को कैसे जवाब देना है.”

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